नर्मदेश्वर शिवलिंग की संक्षिप्त विशेषताएँ
• नर्मदा नदी से प्राप्त प्राकृतिक शिवलिंग
• स्वयं बने गोलाकार पत्थर
• अत्यंत पवित्र व शुभ माने जाते हैं
• पूजा-अभिषेक में विशेष उपयोग
• घर में शांति व सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं ।
रुद्राक्ष
रुद्राक्ष को शिव-भक्तों द्वारा साधना, जप और पूजा में विशेष रूप से उपयोग किया जाता है।
नवग्रह समिधा (Navgrah Samidha) हवन–यज्ञ में उपयोग की जाने वाली नौ विशेष लकड़ियों/वनस्पतियों का समूह है, जिन्हें नौ ग्रहों की शांति और अनुकूलता हेतु अर्पित किया जाता है।
1. सूर्य_ पलाश (पलाश)
2. चंद्र _खेर (बेल)
3. मगंल_खदिर (बबूल)
4. बुध _अपामार्ग (दूर्वा)
5. बृहस्पति_पीपल(अश्वत्थ
6. शुक्र_गूलर (उदुमबर)
7. शनि _शमी (बेल)
8. राहु_दूर्वा ( कुश
9. केतु _कुश (अपामार्ग)
अबीर
रुद्राभिषेक में अबीर (गुलाल) भक्ति, आनंद और शुभता का प्रतीक माना जाता है।
अष्टगंध तिलक
1.आठ दिव्य पदार्थों से निर्मित
2.पूजन में शुभता का प्रतीक
3.रुद्राक्ष पर लगाने से शोभा बढ़ती है
4.सुगंध मन को शांत करती है
5.शिव भक्ति में विशेष उपयोग
गंगोत्री गंगाजल
1. लंबे समय तक शुद्ध बना रहता है
2. प्राकृतिक शीतलता
3. खनिज तत्व से भरपूर
4. जीवाणु नाशक गुण
5. धार्मिक महत्व
नवग्रह समिधा हवन–यज्ञ में उपयोग की जाने वाली नौ विशेष लकड़ियों/वनस्पतियों का समूह है, जिन्हें नौ ग्रहों की शांति और अनुकूलता हेतु अर्पित किया जाता है।
1. सूर्य_ पलाश (पलाश)
2. चंद्र _खेर (बेल)
3. मगंल_खदिर (बबूल)
4. बुध _अपामार्ग (दूर्वा)
5. बृहस्पति_पीपल(अश्वत्थ
6. शुक्र_गूलर (उदुमबर)
7. शनि _शमी (बेल)
8. राहु_दूर्वा ( कुश
9. केतु _कुश (अपामार्ग)




































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